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तिल और मसà¥à¤¸à¥‡, सामानà¥à¤¯ टाइप की सà¥à¤•िन गà¥à¤°à¥‹à¤¥ होती है। ये अकà¥à¤¸à¤° छोटे, गहरे à¤à¥‚रे रंग के धबà¥à¤¬à¥‡ के रूप में दिखाई देते हैं और पिगमेंटेड कोशिकाओं के समूहों के कारण होते हैं। तिल और मसà¥à¤¸à¥‡ आमतौर पर बचपन और किशोरावसà¥à¤¥à¤¾ के दौरान दिखाई देते हैं। अधिकांश लोगों के शरीर में इनकी संखà¥à¤¯à¤¾ 10 से 40 के बीच होती है। इनमें से कà¥à¤› वकà¥à¤¤ बीतने के साथ धूमिल होते जाते हैं।
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° तिल या मसà¥à¤¸à¥‡ हानिकारक नहीं होते हैं। लेकिन बहà¥à¤¤ ही दà¥à¤°à¥à¤²à¤ मामलों में वे कैंसर बन सकते हैं। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° डॉकà¥à¤Ÿà¤° मेलेनोमा (Melanoma) की जांच के लिठमसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ और सà¥à¤•िन के गहरे रंग वाले पैच की जांच करते हैं। वैसे बता दें कि मेलेनोमा को सà¥à¤•िन कैंसर का सबसे घातक पà¥à¤°à¤•ार माना जाता है।
वैसे शरीर पर बने काले / à¤à¥‚रे छोटे धबà¥à¤¬à¥‡ को तिल कहते हैं। वहीं, उà¤à¤°à¥‡ हà¥à¤ निशान को मसà¥à¤¸à¤¾ कहा जाता है। मेडिकल à¤à¤¾à¤·à¤¾ में अकेले मसà¥à¤¸à¥‡ को नेवस (Nevus) कहा जाता है। लेकिन जब इनकी संखà¥à¤¯à¤¾ काफी बहà¥à¤¤ होती है तो, बहà¥à¤µà¤šà¤¨ में इसे नेवी (Nevi) कहा जाता है।
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